अमरनाथ यात्रा 2025 आध्यात्मिक आस्था और साहसिक यात्रा का संगम है। यह यात्रा 3 जुलाई से शुरू हो चुकी है और 9 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगी। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर की कठिन घाटियों की ओर बढ़ रहे हैं।
यात्रा की शुरुआत और समापन
इस वर्ष यात्रा 38 दिनों तक चलेगी। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु बालटाल और पहलगाम मार्गों से होकर बाबा बर्फानी की गुफा तक पहुंच रहे हैं। हर दिन सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक दर्शन की अनुमति दी जा रही है।

यात्रा के दो प्रमुख मार्ग
1. पहलगाम मार्ग (लगभग 48 किमी लंबा): यह मार्ग अपेक्षाकृत लंबा जरूर है, लेकिन चढ़ाई कम होने के कारण अधिक सुविधाजनक माना जाता है।
2. बालटाल मार्ग (लगभग 14 किमी लंबा): यह मार्ग छोटा है, लेकिन कठिन और खड़ी चढ़ाई वाला है, जिसे अनुभवी यात्री अधिक पसंद करते हैं।

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और नियम
• यात्रा में शामिल होने के लिए सभी श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।
• ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से पंजीकरण हो रहा है।
• यात्रियों की आयु 13 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
• एक वैध स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (CHC) अनिवार्य है। जिन लोगों को हृदय या सांस संबंधी बीमारियाँ हैं, उन्हें अनुमति नहीं दी जाती।
• हर यात्री को यात्रा आरंभ से पहले RFID टैग और यात्रा परमिट लेना अनिवार्य है।
सुरक्षा और सुविधाएं
अमरनाथ यात्रा 2025 में सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। घाटी में करीब 80,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
• पूरे मार्ग पर मेडिकल कैंप, रिलीफ सेंटर और पुलिस सहायता केंद्र बनाए गए हैं।
• यात्रा मार्ग को नो-फ्लाई ज़ोन घोषित किया गया है, यानी यहां ड्रोन और अन्य उड़ने वाले उपकरणों पर प्रतिबंध है।
• BSNL ने तीर्थयात्रियों के लिए एक विशेष यात्रा सिम कार्ड उपलब्ध कराया है, जिसकी वैधता 15 दिन है और जो पूरे रूट पर काम करता है।
श्रद्धालुओं की संख्या और यात्रा का जोश
यात्रा के पहले चार ही दिनों में करीब 70,000 से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। तीसरे जत्थे में करीब 6,500 श्रद्धालु रवाना हुए। सुरक्षा और मौसम की स्थितियों को देखते हुए टोकन आधारित दर्शन प्रणाली लागू की गई है ताकि भीड़ नियंत्रण में रहे।
हालिया घटनाएं
हाल ही में यात्रा मार्ग पर बसों की भिड़ंत में कुछ यात्री घायल हुए हैं, लेकिन किसी बड़ी दुर्घटना की सूचना नहीं है। प्रशासन ने स्थिति को तुरंत नियंत्रण में लिया और यात्रियों को वैकल्पिक साधनों से गंतव्य तक पहुँचाया गया। इस घटना के बावजूद यात्रा का उत्साह बिल्कुल कम नहीं हुआ है।
रहने और भोजन की व्यवस्था
• पहलगाम और बालटाल मार्गों पर श्रद्धालुओं के लिए अस्थाई टेंट, सरकारी विश्रामगृह और निजी शिविर उपलब्ध कराए गए हैं।
• खाने-पीने की सामग्री के लिए लंगर और सरकारी कैंटीन भी पूरे मार्ग पर स्थापित हैं।
• यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे हल्का, ऊनी वस्त्र, छाता, दवा, पानी की बोतल और टॉर्च साथ रखें।

महत्वपूर्ण सुझाव
• यात्रा शुरू करने से पहले मेडिकल चेकअप अवश्य कराएं।
• ट्रैकिंग अभ्यास और ऊँचाई के अनुकूलन के लिए योग और प्राणायाम करें।
• मौसम की जानकारी लेते रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
निष्कर्ष
अमरनाथ यात्रा 2025 एक आध्यात्मिक अनुभव है, जो न केवल भक्ति से भरपूर है, बल्कि एक चुनौतीपूर्ण पर्वतीय यात्रा भी है। प्रशासन द्वारा की गई मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं और यात्रा मार्गों की देखरेख के कारण यह यात्रा अब पहले से अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो चुकी है।
अगर आप भी बाबा बर्फानी के दर्शन की इच्छा रखते हैं, तो जल्द ही रजिस्ट्रेशन करवाएं और इस पवित्र यात्रा का हिस्सा बनें।