आज भगवान जगन्नाथ की निकाली जाएगी रथ यात्रा
आज अषाढी बीज का दिन है। आज का दिन जगन्नाथ भगवान की रथ यात्रा के लिए प्रसिद्ध है। जगन्नाथ पुरी में भगवान जगन्नाथ यानी की श्री कृष्ण भगवान सुभद्रा और बलराम की प्रतिमा को रथ में बिराजमान करके यात्रा में पूरे नगर में निकालतें हैं। और भक्तजन उनका दर्शन करके परितृप्त होते हैं। पवित्र होते हैं। यह जगन्नाथ भगवान की यात्रा कब से शुरू हुई उसकी कोई जानकारी नहीं मिलती है लेकिन पौराणिक काल से यह परंपरा चल रही है। अब तो जगन्नाथ पुरी के अलावा पूरे देश में अलग-अलग नगरों में जगन्नाथ रथ यात्रा निकलते हैं। गुजरात में अहमदाबाद में निकलती रथ यात्रा बहुत प्रसिद्ध है। संस्कारी नगरी बड़ौदा में भी रथ यात्रा ४४ बरस से निकलती है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण की देहविलय होने के बाद उनका अंतिम संस्कार हुआ। लेकिन भगवान श्री कृष्ण का हृदय अग्नि में विलीन नहीं हुआ।तब उनको समुद्र में बहा दिया गया। यह ह्दय बहते बहते पुरी नगर में आया। पुरी के राजा ने यह हृदय को प्रतिमा में स्थापित किया और जगन्नाथ में मंदिर बनाया। जगन्नाथ रथ यात्रा में भक्तजन खुद रथ को खींचते हैं और भगवान जगन्नाथ का जयघोष करते हैं। यह एक अनोखी परंपरा है और ऐसा बोला जाता है कि जब रथ यात्रा निकलते हैं तब अवश्य आकाश में से बारिश की बूंदे पड़ती है।