डायबिटीज के मरीजों के लिए खानपान का चयन करना बहुत जरूरी है, ताकि ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहे। केला, अपनी मिठास और पोषण के कारण अक्सर सवालों में घिरा रहता है। विशेषज्ञों की राय और रिसर्च के आधार पर डायबिटीज मरीज केला खा सकते हैं, लेकिन इसकी मात्रा, समय और तरीका बहुत मायने रखता है।

केला और डायबिटीज: क्या कहती है एक्सपर्ट राय
• मात्रा का ध्यान रखें: डायबिटीज मरीज दिन में एक छोटा या मीडियम साइज का केला ही लें।
• ग्लाइसेमिक इंडेक्स: केले का जीआई (Glycemic Index) मध्यम होता है, यानी यह धीरे-धीरे शुगर लेवल बढ़ाता है, जिससे अचानक ब्लड शुगर नहीं बढ़ता।
• पोषक तत्व: केले में फाइबर, रेसिस्टेंट स्टार्च, पोटेशियम और विटामिन B6 की अच्छ मात्रा होती है, जो शरीर के लिए फायदेमंद हैं।
• प्राकृतिक शर्करा: केले के फ्रुक्टोज नामक प्राकृतिक शुगर शरीर में धीमे-धीमे ग्लूकोज में बदलती है, जिससे ब्लड शुगर पर गहरा असर नहीं होता।
फास्टिंग शुगर हाई हो तो क्या करें?
• फास्टिंग शुगर बढ़ा हो तब भी कभी-कभी सीमित मात्रा में केला खाया जा सकता है, लेकिन हमेशा मॉडरेशन में ही।
• केला नाश्ते में खाएं, ताकि दिनभर शरीर उसे मेटाबोलाइज कर सके।
• केले को अकेले न खाकर दही, नट्स या अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों के साथ खाएं, इससे ब्लड शुगर पर असर और नियंत्रित रहता है।

किन परिस्थितियों में सावधानी जरूरी?
• जिनका ब्लड शुगर लेवल अक्सर बहुत ज्यादा ऊपर-नीचे होता है, उन्हें नई चीजें डाइट में जोड़ने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर करनी चाहिए।
• किडनी की दिक्कत या हाई पोटेशियम वाले मरीजों को भी डॉक्टर की सलाह के बिना केला नहीं खाना चाहिए।
• शुगर लेवल की नियमित मॉनिटरिंग बहुत जरूरी है।
हेल्थ टिप्स
• कभी भी फल खाना बंद न करें, लेकिन सही मात्रा, सही समय और सही कॉम्बिनेशन में खाएं।
• दिन में एक बार, खासकर सुबह केला लेना बेहतर है।
• केला खाने के बाद भी अगर ब्लड शुगर ज्यादा दिख रहा है, तो डाइटिशियन से संपर्क करें।
• संतुलित आहार और नियमित एक्सरसाइज बनाए रखें।
यह जानकारी डायबिटीज मरीजों के लिए उपयोगी है, लेकिन हर मरीज की कंडीशन अलग होती है। अपने शरीर और सेहत को ध्यान में रखते हुए खानपान के बदलाव करें और डॉक्टर की सलाह जरूर लें।