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चंदौली में खौफनाक मर्डर! बाइक सवार शूटर्स ने प्रॉपर्टी डीलर को दिनदहाड़े गोलियों से भूना

उत्तर प्रदेश: चंदौली जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जिम संचालक और प्रॉपर्टी डीलर अरविंद यादव की सोमवार दोपहर को दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। घटना को अंजाम देने वाले हमलावरों ने घर के बाहर बुलाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। पटना जैसे शूटआउट की तर्ज़ पर हमलासूत्रों के अनुसार, यह पूरी वारदात चंदौली के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के धरना गांव में हुई। बताया जा रहा है कि चार बाइकों पर सवार करीब 8 हमलावर अरविंद यादव के घर पहुंचे और उन्हें बाहर बुलाकर घेर लिया। इसके बाद लगातार 6 से ज्यादा गोलियां दागी गईं, जिससे अरविंद यादव की मौके पर ही मौत हो गई। बदमाशों ने की गाड़ी पर भी फायरिंगहमलावरों ने सिर्फ व्यक्ति को ही नहीं बल्कि बाहर खड़ी कार पर भी फायरिंग की, ताकि किसी को बचाने का मौका न मिल सके। फायरिंग की गूंज से गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों में दुबक गए। पुलिस मौके पर, हत्यारों की तलाश जारीघटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया गया है। एसपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं। हत्यारों की तलाश के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। क्या है हत्या की वजह?फिलहाल हत्या के पीछे की वजह साफ नहीं हो पाई है। प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश या कारोबारी दुश्मनी की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इलाके में भारी तनाव, सुरक्षा बढ़ाई गईइस वारदात के बाद धरना गांव और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोग बेहद डरे हुए हैं और पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है।

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रामायण से महावतार नरसिम्हा तक, जानिए भारतीय सिनेमा की 5 धमाकेदार अपकमिंग फिल्में।

Ask ChatGPT भारतीय सिनेमा अपनी जड़ों की ओर लौट रहा है और पौराणिक कहानियों को बड़े पर्दे पर एक नए एवं भव्य रूप में पेश कर रहा है। आधुनिक तकनीक के साथ ये प्राचीन कथाएँ आज की पीढ़ी के लिए फिर से जीवंत हो रही हैं। ‘कल्कि 2898 एडी’ जैसी फिल्मों को मिली प्रतिक्रिया के बाद, कई निर्माता बड़े बजट की पौराणिक फिल्में बनाने के लिए प्रेरित हुए हैं।यहाँ आने वाली कुछ बहुप्रतीक्षित पौराणिक फिल्मों की सूची दी गई है: 1. महावतार नरसिम्हा
यह 3डी एनिमेटेड फिल्म ‘महावतार सिनेमैटिक यूनिवर्स’ की पहली कड़ी है, जिसमें भगवान विष्णु के दस अवतारों को दिखाया जाएगा। यह फिल्म भगवान विष्णु के चौथे और सबसे उग्र अवतार, नरसिम्हा पर आधारित है। मेकर्स ने इसकी रिलीज़ डेट 25 जुलाई 2025 तय की है। यह फिल्म पांच भाषाओं में रिलीज़ होगी। 2. कंतारा: चैप्टर 1
‘कंतारा’ की जबरदस्त सफलता के बाद, निर्देशक ऋषभ शेट्टी इसका प्रीक्वल लेकर आ रहे हैं। यह फिल्म कहानी की जड़ों को दिखाएगी, जहाँ मनुष्य, प्रकृति और ईश्वर के बीच का रिश्ता शुरू हुआ था। मेकर्स ने घोषणा की है कि ‘कंतारा: चैप्टर 1’ 2 अक्टूबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। 3. जय हनुमान
‘हनुमान’ के सफल निर्देशक प्रशांत वर्मा अब ‘जय हनुमान’ के साथ अपने सिनेमैटिक यूनिवर्स को आगे बढ़ा रहे हैं। इस फिल्म में ऋषभ शेट्टी हनुमान की मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे। हालांकि, इसकी रिलीज़ की तारीख अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की गई है, लेकिन ‘हनुमान’ की सफलता के बाद दर्शक इसका बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। 4. रामायणम
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे भव्य प्रस्तुतियों में से एक मानी जा रही है। फिल्म को दो भागों में रिलीज़ किया जाएगा। पहला भाग दिवाली 2026 में और दूसरा भाग दिवाली 2027 में रिलीज़ होगा। फिल्म में रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश मुख्य भूमिकाओं में हैं। 5. महाभारत
अभिनेता आमिर खान ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘महाभारत’ पर काम शुरू करने की पुष्टि की है। उन्होंने वादा किया है कि यह एक अभूतपूर्व फिल्म होगी। हालांकि, यह एक मल्टी-फिल्म फ्रेंचाइजी हो सकती है और इसकी पटकथा पर काम अभी शुरुआती चरण में है। इसलिए, इसकी रिलीज़ की तारीख अभी तय नहीं हुई है और यह इन सभी प्रोजेक्ट्स में सबसे अंत में आ सकती है।

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टाटा पंच की ऐतिहासिक उपलब्धि: 4 साल से भी कम में 6 लाख गाड़ियाँ बिकीं, बनी सबसे तेज़ SUV

टाटा मोटर्स की लोकप्रिय कॉम्पैक्ट SUV, टाटा पंच, ने भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में एक नया बेंचमार्क स्थापित किया है। लॉन्च के बाद से ही ग्राहकों की पसंदीदा बनी इस गाड़ी ने बिक्री का एक ऐसा आँकड़ा छुआ है, जो इसे भारत की सबसे सफल SUVs में से एक बनाता है। एक नया कीर्तिमानअक्टूबर 2021 में लॉन्च हुई टाटा पंच ने सिर्फ 45 महीनों (4 साल से कम) में 6 लाख यूनिट्स के उत्पादन का मील का पत्थर पार कर लिया है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ, यह भारत की सबसे तेजी से इस आँकड़े तक पहुँचने वाली SUV बन गई है। यह उपलब्धि टाटा पंच की लगातार बढ़ती माँग और लोकप्रियता को दर्शाती है। पंच की सफलता के प्रमुख कारण1. हर ज़रूरत के लिए एक पंच: पंच की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण इसकी विविधता है। यह पेट्रोल, CNG और इलेक्ट्रिक (EV) तीनों वेरिएंट में उपलब्ध है, जिससे यह अलग-अलग बजट और ज़रूरतों वाले ग्राहकों को आकर्षित करती है।2. सुरक्षा में 5-स्टार रेटिंग: टाटा मोटर्स ने सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया है। पंच के पेट्रोल और इलेक्ट्रिक, दोनों मॉडलों को ग्लोबल NCAP और भारत NCAP क्रैश टेस्ट में 5-स्टार की सर्वोच्च सेफ्टी रेटिंग मिली है। यह बात सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाले भारतीय परिवारों का भरोसा जीतती है।3. शहरी और ग्रामीण भारत में लोकप्रिय: यह कार सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। इसके कुल ग्राहकों में से 76% टियर-2 और टियर-3 शहरों से आते हैं, जो इसकी व्यापक अपील को दर्शाता है। यह पहली बार कार खरीदने वालों के लिए भी एक पसंदीदा विकल्प है। बाज़ार में दबदबा• सेगमेंट लीडर: वित्त वर्ष 2024-25 में, पंच ने अपने सब-कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में 38% की बाजार हिस्सेदारी हासिल की।• टाटा की बेस्टसेलर: यह गाड़ी टाटा की कुल यात्री वाहनों की बिक्री में 36% का योगदान देती है, जो कंपनी के लिए इसकी अहमियत को साफ करता है।कीमत (एक्स-शोरूम)• टाटा पंच (पेट्रोल/CNG): ₹6 लाख से ₹10.32 लाख तक• टाटा पंच EV (इलेक्ट्रिक): ₹9.99 लाख से ₹14.44 लाख तकअपनी दमदार परफॉर्मेंस, बेहतरीन सुरक्षा, और हर तरह के ग्राहक के लिए उपलब्ध विकल्पों के साथ टाटा पंच ने साबित कर दिया है कि यह भारतीय बाजार के लिए एक गेम-चेंजर है।

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दीपिका पादुकोण ने रचा इतिहास, 2026 में हॉलीवुड वॉक ऑफ फेम पर मिलेगा स्टार

दीपिका पादुकोण ने हॉलीवुड वॉक ऑफ फेम पर रचा इतिहास, भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का क्षणमुंबई: भारतीय सिनेमा ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, क्योंकि बॉलीवुड की सुपरस्टार दीपिका पादुकोण हॉलीवुड वॉक ऑफ फेम में एक सितारे से सम्मानित होने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री बन गई हैं। यह सम्मान वैश्विक मनोरंजन जगत में भारतीय प्रतिभा के बढ़ते दबदबे का एक शक्तिशाली प्रतीक है। हॉलीवुड चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा ‘क्लास ऑफ 2026’ के लिए चुनी गईं दीपिका को यह सम्मान ‘मोशन पिक्चर्स’ श्रेणी में उनके असाधारण योगदान के लिए दिया जाएगा। इस प्रतिष्ठित सूची में उनका नाम डेमी मूर, टिमोथी चालमेट और एमिली ब्लंट जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित कलाकारों के साथ है, जो वैश्विक मंच पर उनके कद को दर्शाता है। दीपिका का यह सफर कोई रात भर की सफलता नहीं है, बल्कि यह वर्षों की कड़ी मेहनत और एक सोची-समझी वैश्विक रणनीति का परिणाम है। 2017 में विन डीजल के साथ ‘xXx: रिटर्न ऑफ जेंडर केज’ से हॉलीवुड में अपनी धाक जमाने के बाद, उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह लुई Vuitton और कार्टियर जैसे विश्व प्रसिद्ध लक्जरी ब्रांडों का चेहरा बनने वाली पहली भारतीय बनीं, जिसने उन्हें एक ग्लोबल आइकन के रूप में स्थापित किया।ऑस्कर अवॉर्ड्स में एक प्रेजेंटर के रूप में मंच पर उनकी उपस्थिति हो या कान्स फिल्म फेस्टिवल में जूरी सदस्य के रूप में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका, दीपिका ने हर अवसर पर भारत का प्रतिनिधित्व गरिमा और आत्मविश्वास के साथ किया है। उनका यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि यह दुनिया भर के उन उभरते कलाकारों के लिए भी एक प्रेरणा है जो अपनी पहचान बनाने का सपना देखते हैं। हॉलीवुड की सड़कों पर दीपिका का सितारा हमेशा इस बात की याद दिलाएगा कि प्रतिभा की कोई सीमा नहीं होती।

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डायबिटीज में क्या केला खाना सुरक्षित है? जानें पूरी जानकारी

डायबिटीज के मरीजों के लिए खानपान का चयन करना बहुत जरूरी है, ताकि ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहे। केला, अपनी मिठास और पोषण के कारण अक्सर सवालों में घिरा रहता है। विशेषज्ञों की राय और रिसर्च के आधार पर डायबिटीज मरीज केला खा सकते हैं, लेकिन इसकी मात्रा, समय और तरीका बहुत मायने रखता है। केला और डायबिटीज: क्या कहती है एक्सपर्ट राय• मात्रा का ध्यान रखें: डायबिटीज मरीज दिन में एक छोटा या मीडियम साइज का केला ही लें।• ग्लाइसेमिक इंडेक्स: केले का जीआई (Glycemic Index) मध्यम होता है, यानी यह धीरे-धीरे शुगर लेवल बढ़ाता है, जिससे अचानक ब्लड शुगर नहीं बढ़ता।• पोषक तत्व: केले में फाइबर, रेसिस्टेंट स्टार्च, पोटेशियम और विटामिन B6 की अच्छ मात्रा होती है, जो शरीर के लिए फायदेमंद हैं।• प्राकृतिक शर्करा: केले के फ्रुक्टोज नामक प्राकृतिक शुगर शरीर में धीमे-धीमे ग्लूकोज में बदलती है, जिससे ब्लड शुगर पर गहरा असर नहीं होता।फास्टिंग शुगर हाई हो तो क्या करें?• फास्टिंग शुगर बढ़ा हो तब भी कभी-कभी सीमित मात्रा में केला खाया जा सकता है, लेकिन हमेशा मॉडरेशन में ही।• केला नाश्ते में खाएं, ताकि दिनभर शरीर उसे मेटाबोलाइज कर सके।• केले को अकेले न खाकर दही, नट्स या अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों के साथ खाएं, इससे ब्लड शुगर पर असर और नियंत्रित रहता है। किन परिस्थितियों में सावधानी जरूरी?• जिनका ब्लड शुगर लेवल अक्सर बहुत ज्यादा ऊपर-नीचे होता है, उन्हें नई चीजें डाइट में जोड़ने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर करनी चाहिए।• किडनी की दिक्कत या हाई पोटेशियम वाले मरीजों को भी डॉक्टर की सलाह के बिना केला नहीं खाना चाहिए।• शुगर लेवल की नियमित मॉनिटरिंग बहुत जरूरी है।हेल्थ टिप्स• कभी भी फल खाना बंद न करें, लेकिन सही मात्रा, सही समय और सही कॉम्बिनेशन में खाएं।• दिन में एक बार, खासकर सुबह केला लेना बेहतर है।• केला खाने के बाद भी अगर ब्लड शुगर ज्यादा दिख रहा है, तो डाइटिशियन से संपर्क करें।• संतुलित आहार और नियमित एक्सरसाइज बनाए रखें।यह जानकारी डायबिटीज मरीजों के लिए उपयोगी है, लेकिन हर मरीज की कंडीशन अलग होती है। अपने शरीर और सेहत को ध्यान में रखते हुए खानपान के बदलाव करें और डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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विश्व सर्प दिवस पर विशेष: ज़हरीले नहीं, ज़रूरी हैं ये सांप!

हर साल 16 जुलाई को विश्व सर्प दिवस (World Snake Day) मनाया जाता है, ताकि लोगों को सांपों के महत्व, उनकी प्रजातियों और संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जागरूक किया जा सके। आमतौर पर डर और अंधविश्वास का प्रतीक माने जाने वाले सांप, असल में पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) के लिए बेहद ज़रूरी हैं। सांप चूहों और कीटों की आबादी को नियंत्रित करते हैं, जिससे खेती और खाद्यान्न की रक्षा होती है। दुनिया में सांपों की करीब 3000 से अधिक प्रजातियाँ हैं, जिनमें से कई बिलकुल निर्दोष और ज़हरीले नहीं होते। भारत में पाए जाने वाले कुछ प्रमुख सांपों में शामिल हैं – कोबरा, करैत, रसेल वाइपर और धामिन (रेट स्नेक)। इनमें से बहुत से सांप इंसानों को नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन फिर भी वे अक्सर अज्ञानता और डर के कारण मारे जाते हैं। इस सर्प दिवस पर आइए हम यह संकल्प लें कि हम सांपों को सिर्फ डर की नज़र से नहीं, बल्कि प्राकृतिक संतुलन के रखवाले के रूप में देखें। जागरूकता ही संरक्षण की पहली सीढ़ी है।

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दिल्ली में शुरू हुई Amazon की 10 मिनट डिलीवरी सर्विस, क्विक कॉमर्स में बड़ा कदम

ई-कॉमर्स दिग्गज Amazon ने क्विक कॉमर्स सेगमेंट में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली में अपनी 10 मिनट डिलीवरी सर्विस की शुरुआत कर दी है। कंपनी अब ग्राहकों को रोज़मर्रा की ज़रूरतों का सामान केवल 10 मिनट में उनके दरवाज़े तक पहुंचा रही है। Amazon ने यह सुविधा फिलहाल चुनिंदा इलाकों में शुरू की है और इसे अपनी ‘Amazon Fresh’ सर्विस के तहत संचालित किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार, उपभोक्ता अब सब्ज़ियां, फल, ग्रॉसरी और दूसरे जरूरी घरेलू सामान बेहद तेज़ी से मंगवा सकेंगे। इससे पहले Zomato, Blinkit और Swiggy Instamart जैसी कंपनियां क्विक डिलीवरी मार्केट में पहले से सक्रिय थीं। अब Amazon की एंट्री से इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और बढ़ेगी। कंपनी का कहना है कि उसने इस सुविधा के लिए दिल्ली में हाई-स्पीड वेयरहाउस और माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर्स बनाए हैं, जिससे डिलीवरी टाइम को 10 मिनट तक सीमित किया जा सके। Amazon का लक्ष्य है कि वह इस मॉडल को जल्द ही मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे अन्य बड़े शहरों में भी लागू करे। ग्राहकों को यह सेवा Amazon की ऐप या वेबसाइट पर ‘Fresh’ कैटेगरी के ज़रिए उपलब्ध होगी, जहां उन्हें 10 मिनट डिलीवरी वाले प्रोडक्ट्स अलग से दिखाए जाएंगे।

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‘सुपरमैन’ ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, F1: द मूवी को पछाड़कर कमाए 7 करोड़ रुपये

जेम्स गन द्वारा निर्देशित नई सुपरमैन फिल्म ने भारत में रिलीज़ के पहले ही दिन दमदार शुरुआत की है। फिल्म ने ओपनिंग डे पर करीब 7 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है, जिससे यह साफ़ है कि दर्शकों के बीच इस फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्साह है। दिलचस्प बात यह है कि ‘सुपरमैन’ ने हॉलीवुड की ही दूसरी फिल्म F1: द मूवी को भी पहले दिन के कलेक्शन में पीछे छोड़ दिया है। F1 पर आधारित यह डॉक्यूमेंट्री-स्टाइल फिल्म दर्शकों को आकर्षित करने में उतनी सफल नहीं हो सकी, जितनी उम्मीद की जा रही थी। ‘सुपरमैन’ की लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि भारत के कई मेट्रो शहरों में फिल्म के पहले ही दिन शो हाउसफुल रहे। इसके विज़ुअल्स, स्टोरीलाइन और सुपरहीरो फॉर्मेट ने खास तौर पर युवा दर्शकों को थिएटर्स की ओर खींचा है। फिल्म को दुनियाभर में भी पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिल रहा है और उम्मीद की जा रही है कि वीकेंड में इसके कलेक्शन में और उछाल आएगा। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर यह रफ्तार बनी रही, तो यह फिल्म भारत में एक बड़ी हॉलीवुड हिट बन सकती है।

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एयर इंडिया फ्लाइट AI‑171 हादसा: टेकऑफ़ के 29 सेकंड बाद दोनों इंजन बंद, शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा

अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI‑171 उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि टेकऑफ़ के महज तीन सेकंड बाद ही विमान के दोनों इंजनों की फ्यूल सप्लाई अचानक कट हो गई, जिससे इंजन बंद हो गए। टेकऑफ़ के सिर्फ 29 सेकंड के भीतर विमान एयरपोर्ट के बाहर क्रैश हो गया। टेकऑफ़ के तुरंत बाद क्या हुआ? 12 जून को दोपहर करीब 1:38 बजे (भारतीय समयानुसार) बोइंग 787 ड्रीमलाइनर ने अहमदाबाद एयरपोर्ट के रनवे 23 से उड़ान भरी।जैसे ही विमान हवा में उठा, सिर्फ 3 सेकंड के अंदर दोनों इंजनों की फ्यूल सप्लाई बंद हो गई। इस वजह से दोनों इंजन बंद हो गए और विमान पूरी तरह पावर खो बैठा। इसके बाद विमान ज़मीन की ओर गिरने लगा। कॉकपिट रिकॉर्डिंग में क्या मिला? कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट को यह कहते हुए सुना गया कि “तुमने क्यों कट-ऑफ किया?” जिस पर दूसरा पायलट इंकार करता है।इसी दौरान दोनों पायलट इंजन को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश करते हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त पावर नहीं मिल पाती।1:39 बजे (08:09 UTC) पायलट ने “MAYDAY” कॉल दी, लेकिन उसका पूरा संदेश कंट्रोल टॉवर तक नहीं पहुंच पाया। क्रैश कहां हुआ? विमान अहमदाबाद एयरपोर्ट से लगभग 1.5 से 2 किलोमीटर दूर मेघाणी नगर क्षेत्र में क्रैश हुआ।यह इलाका सिविल अस्पताल परिसर और मेडिकल कॉलेज हॉस्टल के पास स्थित है।विमान अधिकतम लगभग 625 फीट (190 मीटर) की ऊंचाई तक ही पहुंच सका और लैंडिंग गियर नहीं उठाया गया था। ब्लैक बॉक्स में क्या जानकारी मिली? ब्लैक बॉक्स के डेटा से पुष्टि हुई कि टेकऑफ़ के तुरंत बाद दोनों इंजनों की फ्यूल सप्लाई स्विच “RUN” से “CUTOFF” पर चली गई।अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह स्विच मैन्युअली गलती से दबा या किसी तकनीकी खराबी के कारण ऐसा हुआ।टेकऑफ़ से कुछ मिनट पहले स्टेबलाइज़र सेंसर में खराबी दर्ज की गई थी, जिसे इंजीनियरों ने ठीक करने का दावा किया था। कितने लोग मारे गए? हादसे में कुल 260 लोगों की मौत हुई, जिनमें 230 से अधिक यात्री शामिल थे।एक यात्री चमत्कारिक रूप से जीवित बचा है।इस दुर्घटना में ज़मीन पर भी कुछ लोग घायल हुए, जिनका इलाज चल रहा है। जांच की स्थिति इस हादसे की जांच भारत की DGCA, ब्रिटेन की AAIB और अमेरिका की NTSB मिलकर कर रहे हैं।12 जुलाई को जारी हुई प्रारंभिक रिपोर्ट में यह सामने आया है कि क्रैश का कारण फ्यूल कट-ऑफ था।फाइनल रिपोर्ट आने में अभी समय लगेगा, जो हादसे के वास्तविक कारणों को उजागर करेगी।

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75 की उम्र के बाद नेताओं को सेवा से निवृत्त हो जाना चाहिए: मोहन भागवत का बड़ा बयान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मंगलवार को नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक नेतृत्व को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति 75 वर्ष की उम्र पार कर लेता है, तो उसे स्वेच्छा से जिम्मेदारियों से पीछे हट जाना चाहिए और नए नेतृत्व के लिए रास्ता बनाना चाहिए। भागवत ने कहा, “हमारे पूर्ववर्ती कहते थे कि 75 की उम्र के बाद शॉल-सन्मान मिलना चाहिए यानी अब सक्रिय भूमिका से पीछे हट जाना चाहिए।”उन्होंने इस विचार को आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक मोरोपंत पिंगले से प्रेरित बताया। विपक्ष का निशाना भागवत के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। विपक्षी दलों ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी के रूप में देखा, जो सितंबर 2025 में 75 वर्ष के होने जा रहे हैं।• कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा,“मोहन भागवत जी 11 सितंबर को खुद 75 वर्ष के हो जाएंगे। ये वक्तव्य सिर्फ एक नहीं, दो लोगों पर लागू होता है।”• शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा,“2014 के बाद 75 पार कर चुके कई वरिष्ठ नेताओं को मार्गदर्शक मंडल में डाल दिया गया था। अब देखना है कि यही नियम सभी पर लागू होगा या नहीं।” भाजपा की स्थिति हालांकि, भाजपा ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी में 75 वर्ष की उम्र को लेकर कोई लिखित नियम नहीं है। 2023 में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2029 तक हमारा नेतृत्व करते रहेंगे।” मोहन भागवत के बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। क्या राजनीति में उम्र सीमा तय होनी चाहिए? क्या वरिष्ठ नेताओं को मार्गदर्शक की भूमिका स्वीकार कर युवा नेतृत्व को आगे लाना चाहिए? यह सवाल आने वाले समय में और गहराता नजर आएगा।

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