भारत में सावन का महीना भगवान शिव की विशेष पूजा और उपासना के लिए जाना जाता है। इस पावन माह में हनुमान जी की पूजा भी अत्यंत शुभ मानी जाती है, खासकर उन लोगों के लिए जो राहु, केतु और शनि दोष जैसी ज्योतिषीय परेशानियों से पीड़ित होते हैं।

सावन में भगवान शिव और हनुमान जी की पूजा क्यों जरूरी?
• राहु, केतु और शनि दोष का निवारण: ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, शिव जी और हनुमान जी की पूजा से इन ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है। उनके आशीर्वाद से जीवन में बाधाएं तथा मानसिक तनाव दूर होते हैं।
• शक्ति और साहस की वृद्धि: हनुमान जी संकटमोचन हैं, उनकी पूजा से मनोदशा मजबूत होती है और सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
• शिवजी की कृपा से समस्त कष्टों का अंत: शिवलिंग का अभिषेक और पूजा से जीवन में सुख, समृद्धि, और आध्यात्मिक उन्नति होती है।

सावन में पूजा के विशेष उपाय
• सोमवार का महत्व: सावन महीने के प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव की विधिवत पूजा करें, शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र अर्पित करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का उच्चारण करें।
• मंगलवार और शनिवार हनुमान पूजा:
• हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें।
• सिंदूर और घी का दीपक हनुमान जी को अर्पित करें।
• ‘ॐ हं हनुमते नमः’ या ‘ॐ श्रीहनुमते नमः’ का जाप करें।
• राहु-केतु दोष से मुक्ति:
• मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा करें।
• तिल के तेल से दीपक जलाएं और काले व नीले रंग के वस्त्र दान करें।
• शनि की शांति के लिए:
• शनि मंदिरों में जाकर या घर पर शनि देव की पूजा करें।
• तिल, काला तिल, और काले वस्त्र दान करें।

सावन पूजा के लाभ
• ग्रह दोषों का निवारण होकर जीवन में शांति आती है।
• स्वास्थ्य लाभ और मनोबल में वृद्धि होती है।
• आर्थिक और पारिवारिक समस्याओं का समाधान सम्भव होता है।
• आध्यात्मिक प्रगति तथा जीवन की अनमोल खुशियां प्राप्त होती हैं।